लूडो के सांप-सीढ़ी सी ज़िंदगी...
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कभी-कभी ज़िंदगी सांप-सीढ़ी के खेल जैसी होती है।
एकबारगी दो-तीन चाल में
हम सांपों से बचकर,
छोटी-बड़ी सीढ़ियां चढ़कर
लाल होने तक पहुंच जाते हैं,
यानी ज...
2 हफ़्ते पहले


भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....
जवाब देंहटाएंSushma ji apke agman se dil prashn huwa..!
जवाब देंहटाएंHardik Abhinandan.