शनिवार, 24 जुलाई 2010

"तारीफ़ आप की"


खुशनसीब  होतें हैं वो
खुदा जिन्हें खुबसूरत बनाता है
सवारता है फुरसत भरे लम्हों में
किसी के प्यार की मूरत बनाता है
उनमे से एक आप भी हैं!
    
सूरज सी लाली दमक रही हो
जिसकी झील सी आँखों तले
सुर्ख होंठो की मुस्कान ऐसी
देख जिसे  गुलाब भी जले  
उनके नाजुक पाँव पड़े जिस पथ
वो अपने पर इतराता है
उनमे से एक आप भी हैं

कोरे कंगना कवारे सवारे कलाई
जिसकी रूह की महक से
ये वादियाँ गुनगुनाई
घनेरी जुल्फों की लहर
जैसे गंगा की आरती
मदहोस फिजाये भी
जिसके रूप को सवारतीं
उनमे से एक आप भी हैं!

सच में,
खुशनसीब होतें हैं वो...........!
 














28 टिप्‍पणियां:

  1. Sukriya aapke sunder vicharo ka!
    o site jam ne disign karwai hai.....ho sakta hai kuchh problem ho...aapne awgat karaya ham iska sighra hi nidan harenge!

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  2. Hahaha.....thanku Heer ji.
    aur o khusnasib is poem ke reader hain :)

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  3. bahut hi bhav purn abhivyakti.kavita ki srthakta khoobsurat chitra ke saath aur bhi nikharti hai.
    poonam

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  4. Thanx for ur nice comment...!
    aapke tarif se hame bahtu khusi mili.

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  5. sach hee sunder rachana.......kahte hai naa khoobsoorstee dekhane wale kee nazaro me hee hotee hai.......

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  6. बहुत बढ़िया कविता .तस्वीर भी खूबसूरत है.

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  7. For Apanatva,
    Haan mata ji......aapne bilkul sahi kaha!
    blog agman ke liye abhar!

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  8. Thanku verma ji,
    kavita ki tarif ke liye.....aap vedeshi sarjami par bhi hindi ki khusbu bikher rahin hain...ye bahut badi baat hai..!
    blog visit ke liye dhanybad.

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  9. आपकी कविता के भाव बहुत अच्छे हैं |बधाई
    आशा

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  10. Thanku V.S. Chauhan ji...for your nice comment.
    thanx for blog visit.

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  11. सूरज सी लाली दमक रही हो
    जिसकी झील सी आँखों तले
    सुर्ख होंठो की मुस्कान ऐसी
    देख जिसे गुलाब भी जले
    उनके नाजुक पाँव पड़े जिस पथ
    वो अपने पर इतराता है
    उनमे से एक आप भी हैं.....

    श्रृंगार में बहुत अच्छी रचना...बधाई

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  12. Ab ik shayar se behtar kaun pahichanega bhai ji.

    dil se sukriya aapko hamara blog visit ke liye.

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  13. सूरज सी लाली दमक रही हो
    जिसकी झील सी आँखों तले
    सुर्ख होंठो की मुस्कान ऐसी
    देख जिसे गुलाब भी जले
    उनके नाजुक पाँव पड़े जिस पथ
    वो अपने पर इतराता है
    उनमे से एक आप भी हैं
    bahut hi sundar lagi .

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  14. Get your book published.. become an author..let the world know of your creativity or else get your own blog book!


    www.hummingwords.in/

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  15. nicely written dear,,,,,,aap is tarah aage badte chalo mere dost......

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  16. thanku very much for apreciation me..
    aap ka ashis meri anmol dharohar..!

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  17. सच में,
    खुशनसीब होतें हैं वो...........!
    bahut hi sundar rachna

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  18. Arti Jha ji
    Dhanybad ki aapne is khubsurati ko mahsus kiya..
    hamara likhna safal huwa. sach me .....:):)

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